Monday, December 31, 2012

दिवाली की रात

तुझ बिन दिवाली मैं कैसे मनाऊं,
बिछड़ कर तुझसे कैसे मैं दिल का दीप जलाऊं,
बिंदिया, चूड़ी, कंगना सब लेकर आऊं,
पहन कर उन्हें फिर मैं तुझे रिझाऊं,
अब और किस तरह से मैं तुझे मनाऊं,
अपना तन मन धन सब तुझ पर लुटाऊं,
तुझ बिन दिवाली मैं कैसे मनाऊं,
बिछड़ कर तुझसे कैसे मैं दिल का दीप जलाऊं।

Friday, December 21, 2012

'बहना रानी'

चंचल है, चालाक बहुत,
करती वोह अपनी मनमानी,
रहती हर पल साथ मेरे,
फिर भी है मुझसे अनजानी,
करती है वोह पगली हर दिन,
नई कोई एक नादानी,
मेरा ही एक रूप है वोह,
मेरी प्यारी बहना रानी।

Wednesday, November 14, 2012

उसका  साथ मुझे सिर्फ़ एक सपना सा लगा ,
मेरा ग़म मुझे आज बहुत अपना सा लगा ,
दिल की गहराइयों में बस गया था शख्स कोई जो ,
पास रहकर भी वोह आज बहुत  अंजाना सा लगा ...

Saturday, September 22, 2012

मेरी ज़िन्दगी

कहने को तो वोह मेरी ज़िन्दगी थी मगर,
उसके बगैर जीना अब आम हो गया,
कहने को तो गुज़र जाती है हर शाम यूँही,
पर हर शाम का साथी अब एक ज़ाम हो गया,
कहने को तो जमती हैं महफ़िलें आज भी,
पर उन महफिलों में अब, मैं  बदनाम हो गया,
कहने को ...बस कहने को ही जी रहा हूँ अब,
मेरी ज़िन्दगी का मकसद तो नाकाम हो गया ... 

Friday, September 21, 2012

दिल में दबा के दर्द को, होंठों पर मुस्कान बिखेरे हुए ,
छुपा रहे हैं उनकी यादों को हम बीता फ़साना कहते हुए ,
उनकी हर एक अदा याद आती है अब भी,
पर कहते हैं हम ,
ज़माना बीत गया उन्हें भूले हुए ...

Wednesday, September 19, 2012

Life is short,
Life is sweet,
Live it to the fullest,
Until your heart beats,
Let your soul feel the gentle breeze,
It may give you a moment's peace...

Tuesday, September 18, 2012

ढूँढने से दिलबर मिला तोह  क्या मिला,
कोई बेख़बर दिल को भा जाये तोह कोई बात है ...
मुझे किसी दुश्मन की ज़रूरत ही क्या थी ,
ऐ खुदा ,
उस बेवफ़ा  ने  यह कमी भी पूरी कर दी ...

Monday, September 17, 2012

दर्द सह-सह कर अब यह हाल है यारों ,
कोई कितना भी ज़ुल्म ढाये, तकलीफ़ नहीं होती ...
यूँही बेवक्त किसी की याद सताये तोह ग़म ना करना,
साथ छोड़ने वाले अक्सर दिल को तड़पाते हैं ...
ऐ  मेरे  दिल -ए -कातिल ,
मुझे  ना  तू  दगा  का  इल्ज़ाम  दे ,
मुझे  मोहब्बत  है  तुझसे ,
मेरी  मोहब्बत  को  तू  वफ़ा  का  नाम  दे ...
The sweetness of chocolates,
The glittering of gold,
Your inadvertent touch, shatters my soul,
I may turn back leaving the words untold,
But to me, you are a precious gem's bowl...

Sunday, September 16, 2012

दिल  के  एक  कोने  में  तू  बसा  तो  है ,
आज  भी  मुझे  तुझसे  वफ़ा  तो  है ,
गुज़रता  नहीं  एक  दिन  भी  तुझे  याद  किये  बगैर ,
मासूम  ही  सही ,
यह  मेरी  ख़ता  तो  है ...
मेरी  दोस्ती  को  तुम  मेरा  प्यार  मत  समझना ,
भूल  से  भी  मुझ  पर  अपना  अधिकार  मत  समझना ,
मैं  अमानत  हूँ  किसी  और  के  आँगन  की ,
मेरी  झुकी  हुई  नज़रों  को  इकरार  मत  समझना ...
हाल -ऐ -दिल  हमने  सुनाना  छोड़  दिया ,
अपने  ग़मों  की  दास्तां  जुबां  पर  लाना  छोड़  दिया ,
हम  वोह  फौलाद -ऐ -जिगर  रखते  हैं  जो  बिखर  सकता  नहीं  कभी ,
शायद  इसलिए   लोगों  ने  हमें  आज़माना  छोड़  दिया ...