Thursday, January 17, 2013

एक और शाम ढल गई,
तुझसे बात किये बगैर,
बरसों बीत गये,
मुलाक़ात किये बगैर,
मुझे खौफ़ नहीं उम्र गुज़र जाने का,
बस यह ज़िन्दगी ना बीत जाये,
तेरे साथ जिये बगैर... 
चाहत में दग़ा तो एक तोहफ़े की तरह है,
तुम ना होते तो कोई और दे देता...
ग़ैरों से वफ़ा की उम्मीद मैं क्या रखूं ऐ ख़ुदा,
वोह मेरा अपना ही था जो मुझे छोड़ गया...

Friday, January 4, 2013

निंदिया का इंतज़ार

पलकें हैं भारी भारी,
निंदिया तुम कब आओगी,
कब आकर प्यार भरी,
थपकियां देकर जाओगी,
मुझ पर अपने आँचल का, 
अमृत कब तुम बरसाओगी,
मेरी थकती काया को,
कब लोरी गा के सुलाओगी,
मीठे मीठे सपनों को,
कब मेरा पता बताओगी,
निंदिया रानी कब आओगी,
और कितनी देर लगाओगी।