Friday, January 4, 2013

निंदिया का इंतज़ार

पलकें हैं भारी भारी,
निंदिया तुम कब आओगी,
कब आकर प्यार भरी,
थपकियां देकर जाओगी,
मुझ पर अपने आँचल का, 
अमृत कब तुम बरसाओगी,
मेरी थकती काया को,
कब लोरी गा के सुलाओगी,
मीठे मीठे सपनों को,
कब मेरा पता बताओगी,
निंदिया रानी कब आओगी,
और कितनी देर लगाओगी।

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